Motivational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Motivational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 15 अप्रैल 2021

होमवर्क स्ट्रेस को कम करने के 7 स्टेप्स - 7 Steps To Reduce Homework Stress

Motivational Article on "Homework Stress Management" in Hindi

Homework stress management-safalhun.in

आज का यह article students और उनके parents के लिए है जिनके लिए homework एक stress भरा काम होता है| Homework को students के लिए घर पर करने का सबसे अच्छा काम माना जाता है परंतु homework कभी कभी stressful काम क्यूँ बन जाता है? आइए इस बात को पहले समझते हैं| जब आपको कोई काम करने के लिए force किया जाता है तो वह काम आपको न चाहते हुए भी करना पड़ता है और जब बेमन से कोई काम करना पड़ता है तो वो अक्सर stressful होता है| यही बात बेमन से करे जाने वाले homework पर भी लागू होती है| जब तक एक student अपना homework करने के लिए committed नहीं होता तब तक वह उस काम को करने के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकता और तब तक student homework stress में रहता है|

निम्नलिखित प्रश्नों पर विचार करें:-

जब आपका बच्चा homework करता है तो वह किस हद तक comfortable, focused और relaxed रहता है? या फिर उसके लिए homework एक संघर्ष बन जाता है|

यदि ऐसा है तो:-

क्या आपको रोज उसके homework stress को कम करने में उसकी मदद करनी पड़ती है यानि उसको homework करवाना पड़ता है ?

क्या कभी आपने उसके teachers से बात की है ?

क्या आपने उससे कभी उसके homework stress के बारे मेँ बात की है ?

या फिर क्या आपने उसे homework करवाने के लिए कठोर फटकार का सहारा लिया है ?

Homework stress management-safalhun.in

शायद ही इन में से कोई लंबे समय के लिए आपके बच्चे का homework stress कम करता हो और झिड़कियाँ तो आखिरी रास्ता होता है पर वह आपके बच्चे के अंदर school और homework के प्रति नफरत की भावना पैदा कर देगा| हालाकी “re-programming” के जरिए आपके बच्चे के अंदेर से homework stress को कम किया जा सकता है और स्कूल और homework के प्रति उसके नजरिए को बदला जा सकता है|

यह 7 steps आपके बच्चे के होमवर्क स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं |


1. अपने बच्चे के साथ होमवर्क करने पर चर्चा करना बंद करें।
इसके बजाय चर्चा करें कि वह homework कैसे कर रहा है। आप अपने बच्चे को बता सकते हैं के वो और किस तरह अपने homework को आसानी से कर सकता है उसके काम करने के तरीके को पहले समझें और तभी अगर जरूरत पड़े तो अपने तरीके समझाए|

2. पता लगाने की कोशिश करें के आपका बच्चा homework करते समय किस pressure से गुजर रहा होता है|
उसको पूछे के क्या वह इस बात से परेशान है की उसके क्लैस्मैट उसके होमवर्क करने या न करने पर क्या सोचेंगे?
अपने बच्चे से जाने की क्या उसको होमवर्क करना मुश्किल लगता है? या फिर वह यह सोचता है की वह होमवर्क ठीक से नहीं कर पाएगा?
उससे जाने की क्या उसको यह होमवर्क स्ट्रेस अच्छा लगता है या फिर वह इससे छुटकारा पाना चाहता है?

3. उसके जवाबों पर खुल कर चर्चा करें|
अपने बच्चे की राय या भावनाओं को नजरंदाज न करें – भले ही आप उनसे कितने भी असहमत हों| वो भावनाएं उसकी हैं और आप भी कहीं न कहीं सही हैं पर उन्हें नजरंदाज करना उसको और प्रबल बना देता है|

4. स्वीकार करें कि homework आसान नहीं है।
अपने बच्चे को समझाए के homework से भागना उसे और कठिन बना देता है और साथ ही इस वजह से दूसरी problems बढ़ जाती है जैसे के वह अपने खाली समय को enjoy नहीं कर पाएगा|
जब आप अपना नकारात्मक रवैया बदलते हैं तो वे अधिक सकारात्मक और रचनात्मक और कम दबाव के साथ काम करेंगे। Positive attitude आने से होमवर्क जल्दी हो जाता है और होमवर्क स्ट्रेस भी दूर होता है|

5. आप tutor बन कर उसकी मदद कर सकते हैं|
किसी समस्या को कैसे हल करना है अपने बच्चे को बताएं उसका मार्गदर्शन करें परंतु उसे उत्तर खुद सोचने दें| यदि आपके पास भी हल नहीं है तो उसे accept करें और उसके साथ काम करें ताकि आप भी सीखें| अपने बच्चे के द्वारा किए गए काम को appreciate करें|
इस बात को accept करने से न डरें की आपको भी उस प्रश्न का उत्तर नहीं आता| बल्कि यह जानना आपके बच्चे को उस काम के मुश्किल होने का एहसास करवाएगा और जब आपका बच्चा उस काम को कर देगा तो उसे एक बड़ी acheivment की फीलिंग होगी जो उसे और काम करने के लिए motivate करेगा|

6. जब आपके बच्चे के ऊपर time pressure ना हो तब आप उसके होमवर्क को करने के लिए 
‘Re-Programming की help ले सकते हैं|
जब कभी आपका बच्चा अपनी studies में busy हो तो आप कभी भी उसके साथ उसकी studies को थोड़ी देर के लिए रोक कर उसकी problems पर discuss कर सकते हैं| यह काम आप weekend  पर कर सकते हैं पर तब नहीं जब वह ज्यादा busy हो और उसके पास कुछ भी discuss करने के लिए टाइम कम हो| प्रॉब्लेम की discussion के time को स्पेशल न बनाएं अपने बच्चे को उसे normal time समझने दें| आप उससे बात करें और उसके homework stress को काम करने में उसकी help करें| यह जल्दी काम नहीं करेगा पर धीरे धीरे आपका बच्चा होमवर्क की importance समझने लगेगा और उससे भागना छोड़ कर उसे खुद से करने लगेगा|

7. ध्यान रहे की आपका मकसद उससे होमवर्क करवाना नहीं है|
सिर्फ होमवर्क करवाना ही आपका मकसद नहीं होना चाहिए बल्कि आप अपने बच्चे के साथ homework  करने के नए तरीके देखें| होमवर्क के प्रति उसका attitude positive बनाएं| अपने बच्चे को उसके विचार आपके साथ शेयर करने के लिए motivate करें जिससे की आप उसकी limitations और उसके belief को समझ पाएंगे और उसको अपना काम खुद करने के लिए प्रेरित कर पाएंगे|

Homework Stress को बच्चों के मन से निकालना मुश्किल जरूर है पर जब आप उसके होमवर्क से दूर भागने के कारण को जान पाएंगे तब आप उसे सही और positive सोच की तरफ बढ़ा पाएंगे जिससे उसे अच्छे grades लाने में मदद मिलेगी|
__________________________________________________________________________
Comment कर के ज़रूरत बताएं आपको ये Motivational Article कैसा लगा? अगर ये Hindi Motivational article on “Homework Stress Management” अच्छा लगा तो इसे ज़रूर share करें।

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

सोने से पहले वो 3 जादुई प्रश्न जो आप खुद से पूछें - Those 3 Magical Bedtime Questions You Should Ask Yourself

Motivational Article on "3 Magical Bedtime Questions" in Hindi

motivational article in hindi - safalhun.in

जैसे ही हम अपने काम करने की उम्र तक पहुंचते हैं तो हमारा जीवन उसी में सिमट कर रह जाता है और वो काम करनी की उम्र तब रुकती है जब हमारा अधिकांश समय हमारा अतीत बन चुका होता है।  हर रोज़ हम तैयार होते हैं काम पर जाते हैं, काम करते हैं और थक कर वापस आकर सो जाते हैं और फिर अगले दिन वही दोहराते हैं। बस यूँ ही ये उम्र, ये वक़्त गुजर जाता है। इस में कोई दो राय नहीं, जब एक वक़्त पर आप खुद से ये प्रश्न करते हैं "मैं इतनी जल्दी बूढ़ा कैसे हो गया? सारा समय कहाँ गया?"

समस्या हमारे नियमित काम करने में है।  हमारा मानव दिमाग वो काम जो हम रोज़ नियमित करते हैं उसे record नहीं करता। क्योंकि वो उसे record करने योग्य नहीं मानता और हमारे दिमाग की क्षमता को बचाने के लिए वो इसे delete कर देता है जिसे deletion कहते हैं।  

तो हम ऐसा क्या करें की हमारा समय धीमा हो जाए, जिससे हम उसे और जी सकें और अच्छे से अनुभव कर सकें।और हम यूँ ही अपनी फिसलती ज़िंदगी के पलों को रोक सकें। 

इसका जवाब विकासशील मानसिकता में है - किसी के विचारों, भावनाओं और कार्यों के बारे में जागरूकता की एक उन्नत स्थिति। लेकिन अगर आप ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो आप 3 magical bedtime प्रश्नों का अभ्यास करके शुरू कर सकते हैं।

जब आप रात को सोने के लिए जाएं तो सोने से पहले ये 3 प्रश्न खुद से करें और इनका जवाब दें।  इसे आप एक डायरी में लिख सकते हैं।  
  1. आज मैं किस चीज़ के लिए आभारी हूँ?
  2. कल मैं क्या नया करूँगा? 
  3. आज मैं सपने में क्या देखना चाहता हूँ?
क्यों मैंने इन आसान प्रश्नों को "जादुई" (magical) कहा है? चलिए मैं आपको इसके पीछे का logic बताती हूँ। पहला प्रश्न आपको मजबूर करता है कि आप अपने पूरे दिन के बारे में सोचें और उस में से कुछ ऐसा निकाले जिसके लिए आप आभारी हों।  ऐसा करने से ना केवल आप अपने पहले प्रश्न का उत्तर जान पाएंगे बल्कि अपने पुरे दिन को याद कर पाएंगे। Neuro-Linguistic programming में हम इसे पुनरावृत्ति या recapping कहते हैं। अपनी कल्पनाओं में आप एक खाली डब्बा लीजिये और उस में अपनी दिनचर्या के अनुभव को डाल दीजिये और उसको एक unique नाम दीजिये। जैसे मान लीजिये आप आज कई सालों बाद अपने एक अच्छे दोस्त से मिले जो आपके लिए एक शानदार अनुभव रहा तो आप अपने उस डब्बे का नाम इस अनुभव पर रख दीजिये। उदाहरण के लिए "जिस दिन मैं अशोक से मिला"। इसी तरह आप अपनी important यादों के डब्बे बनाइये और उनको नाम दीजिये और उनको एक क्रम में रखें जिससे आपका हर दिन आपकी याद में बदल जाएगा। 

दूसरा प्रश्न आपको motivate करने के लिए होगा। दूसरे प्रश्न के उत्तर के लिए आपको समय से आगे देखना होगा कल्पना करनी होगी की आपका अगला दिन कैसा होगा। जब आप आगे का सोचते हैं तो प्राकृतिक रूप से आशावादी बनते हैं आपके अंदर कुछ करने की चाह आती है। आप जब अगले दिन उठते हैं तो आप motivated feel करते हैं और आपके अंदर उस दिन को आगे बढ़ाने कि इच्छा होती है। 


तीसरा प्रश्न आपके innermost desire को जाहिर करता है क्योंकि हम वो सपने देखते हैं जो हम चाहते हैं या जिनकी हम कामना करते हैं। ऐसा करने से आपकी दिशा और उद्देश्य स्पष्ट होते हैं। 

हर रात सोने से पहले आप ये 3 जादुई प्रश्न खुद से करें।  हो सके तो उसे किसी डायरी में लिखें।  ऐसा करने से आपका समय धीमा हो जाएगा।  ऐसा करने से आपको अपनी ज़िंदगी के ज़्यादा पल याद रहेंगे और आपको यह स्पष्ट रहेगा के आपकी ज़िंदगी में क्या ज़्यादा मायने रखता है। 

मैं आपको कुछ अच्छी meditation कि किताबें पढ़ने के लिए motivate करुँगी। या फिर आप कुछ अच्छे motivational article पढ़ सकते हैं जिससे आपको positivity मिलेगी। आप हल्का और अच्छा feel करेंगे। 
__________________________________________________________________________________
Comment कर के ज़रूरत बताएं आपको ये Motivational Article कैसा लगा? अगर ये Hindi Motivational article on “3 Magical Bedtime Questions” अच्छा लगा तो इसे ज़रूर share करें। 

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

रिटायरमेंट के बाद खुश रहने के 10 तरीके

 10 Ways To Be Happy After Retirement 

After retirement - safalhun.in


Retirement यानि सेवानिवृति ज़िंदगी का अंत नहीं बल्कि एक नयी शुरुवात है। सेवानिवृति ऐसा कुछ नहीं है जिससे आपको डरना चाहिए या फिर इसके बारे में सोच कर परेशान होना चाहिए। बल्कि यदि आप चाहें तो सेवानिवृति आपकी ज़िंदगी के सबसे सुखद पल हो सकते हैं। आज हम ऐसे 10 तरीकों के बारे में बात करेंगे जिससे आप अपने इन दिनों को सुखद बना सकते हैं।
  1. ज़िंदगी को देखने का नज़रिया बदले, ग्रहणशील बने और खुले विचार रखें, और यह आपकी ज़िंदगी बदल देगा। Retirement ज़िंदगी का एक नया चरण है और तभी इसे ख़ुशी और सफलता से जी पाएंगे, जब आप अपने विचारों को बदलेंगे। इस नए चरण में ग्रहणशीलता और खुले विचार आपको अपने सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करेंगे।
  2. अपनी क्षमता के अनुसार आप अपनी शारीरिक और मानसिक गतिविधियाँ तय करें। रोज़ मर्रा की गतिविधियाँ ना केवल आपको व्यस्त रखेगी बल्कि आपके मन्न को भी शांत रखेगी। क्योंकि कहा जाता है की व्यस्त दिमाग एक खुश दिमाग होता है इससे न केवल आप मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे।
  3. हंसें और मस्त रहें। अब अपनी ज़िंदगी को ज़्यादा गंभीरता से न लें। ऐसा करने से आपका mood अच्छा रहेगा और आप न केवल अपने आपको बल्कि दूसरों को भी खुश रख सकेंगे।
  4. अधिक अंतर्मुखी (introvert) न बने। अपनी ज़िंदगी के पलों और अपने दिल के बोझ को उनके साथ share करें जिनसे आप प्यार करते हैं या जो आपकी परवाह करते हैं। अपनी भावनाओं और अपनी चिंताओं को दूसरों के साथ साझा करने से आप अपनी मानसिक स्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। 
  5. अपनी ज़िंदगी में वो काम करें जिनसे आपको ख़ुशी मिलती है। ऐसी गतिविधियों को ढूंढे और उन्हें करें। जैसे मान लीजिये आपको अपने पोते पोतियों के साथ खेलना पसंद है तो जब भी समय मिले उनके साथ खेलें और समय बिताऐं। 
  6. जैसे कहा जाता है की सीखने की कोई उम्र नहीं होती। तो आप भी कुछ नया सीखें और ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करें। नयी चीज़ें सीखने से आपका मन्न और दिमाग दोनों खुश रहेंगे। 
  7. अपने प्रियजनों के साथ quality time बिताऐं। Retirement के बाद आपके पास अब ज़्यादा समय है जिसे आप अपने लोगों साथ बिता सकते हैं। आप उनके साथ कहीं बहार जा सकते है, उनके साथ lunch कर सकते हैं, या कोई पार्टी कर सकते हैं। 
  8. याद रखें की ज़िंदगी में छोटी छोटी चीज़ें भी बहुत मायने रखती हैं। किसी के लिए कुछ करने की कोशिश करें इससे आप न केवल उसको बल्कि खुद को भी खुश रखेंगे। आप किसी volunteer activity में भाग ले सकते हैं जिसमे आपको दूसरों के लिए कुछ करने का मौका मिलेगा। 
  9. आप उन सपनों या इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं जिन्हें आपको अपने career बनाने की होड़ में छोड़ना पड़ा था। जिन पर आप अपनी ज़िंदगी की यस्तता की वजह से ध्यान नहीं दे पाए थे। ऐसा करना आपके लिए संतोषजनक हो सकता है। 
  10. आप एक सकारात्मक मानसिकता रखें। सिर्फ इसलिए के आप सेवानिवृत्त हो गए हैं खुद को बूढ़ा या बेकार न समझें। युवा रवैया अपनाएं कुछ शौक पालें और शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रहें। 
happy retirement - safalhun.in

अंत में मैं कहूँगी की सेवानिवृति को एक अवसर की तरह लें जिस में आप हर तरीके से स्वछन्द हैं। आपके पास समय ही समय है अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने का। अब आप वो कर सकते हैं जिसे करने में आपको ख़ुशी मिलती है। अब आप अपने ज़िम्मेदारियों से मुक्त हैं अब आगे की ज़िंदगी आपकी और आपके लिए है इसे भरपूर जिएं।

रविवार, 17 जनवरी 2021

कैसे खुशहाल जीवन सफलता की निशानी है Success Vs Happiness

धन को हम माप सकते हैं और शायद इसलिए हमारा समाज अकसर सफलता को धन से मापता है और देखा जाए तो यह एक हद्द तक सही भी है क्युकी जिसको हम माप सकते हैं उसकी तुलना हम दूसरों से कर के अपनी वर्तमान स्थिति को समझ सकते हैं समाज में दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा में रहना हमे पसंद भी है

safalhun

धन को success समझने के बावजूद हम यह कही न कही जानते  हैं की धन हमे पूरी ख़ुशी नहीं दे सकता आपने यह तो सुना ही होगा की धन happiness नहीं खरीद सकता क्युकी यदि कोई इंसान धनि है  पर खुश नहीं  है तो क्या वह एक सफल इंसान है  एक सफल व्यक्ति वही है जो यह देखता है की उसने समाज में क्या योगदान दिया यदि वह उस योगदान से खुश है तो वह संतुष्टि उसे अंतरिक ख़ुशी देता है और उसी ख़ुशी को सफलता कहते हैं 

वास्तविक जीवन में हम अपने वर्तमान समय में उन सब भौतिक चीज़ों को संगठित करने में जुटे रहते हैं जिन्हे हम सोचते हैं की वह हमारे अंतिम दिनों के संघर्ष में काम आएगा और यही सोच कर हम अपने आज के समय को पूरी तरह से संघर्ष में झोक देते हैं इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा की खुशियां पाना एक संघर्ष है कई बार हम यह सोचते हैं की शायद हम इसलिए खुश नहीं हैं क्यूंकि हमारे पास धन और समय का आभाव् और खर्चों और जिमेदारियो का भार है 


हम अपने retirement को अच्छा बनाने में लगे रहते हैं और overwork करते हैं ताकि ज़यादा कमा सके परन्तु क्या कभी सोचा है की आप ज़िंदगी से ऊबने लगते हैं और जब आप ज़िंदगी से ऊबते हैं तो आप दुखी होते हैं और फिर दुखी हो कर ही ज़िंदगी बिता देते हैं  इसलिए सच्ची ख़ुशी पैसा बचाना या भविष्य के लिए पैसा जमा करना नहीं है एक हद तक यह दोनों ज़रूरी हैं पर वह हद आप को तय करनी है आपको समय काटना नहीं बल्कि उसको उस तरीके से जीना है जैसा आप चाहते हैं 


यदि आपको लगता है की आप अपनी वर्तमान ज़िंदगी से खुश नहीं हैं तो आप उसको पूरी तरह बदल तो नहीं सकते पर आप उस में  कई बदलाव ला सकते हैं जैसे के आप नई चीज़ें सीखे कला , खाना बनाना, नए दोस्त बनाए , यात्रा करें , लेखन करें यानी वो करें जो आपको खुश रखता हो ऐसा करने से आप को यह भी समझ आने लगेगा के आपको कौनसी चीज़ ख़ुशी देती है तब आप यह तय करें के आपको उसे अपने जीवन में कैसे लाना है 


देखा जाए तो  हमारा ज़्यादा समय सोने और काम करने में चला जाता है जो ज़रूरी भी है पर आप साथ ही साथ वो भी करें जो आपको happiness देता है क्युकी यदि आप खुश हैं तो आप सफल हैं


Your happiness is your success.