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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

सोने से पहले वो 3 जादुई प्रश्न जो आप खुद से पूछें - Those 3 Magical Bedtime Questions You Should Ask Yourself

Motivational Article on "3 Magical Bedtime Questions" in Hindi

motivational article in hindi - safalhun.in

जैसे ही हम अपने काम करने की उम्र तक पहुंचते हैं तो हमारा जीवन उसी में सिमट कर रह जाता है और वो काम करनी की उम्र तब रुकती है जब हमारा अधिकांश समय हमारा अतीत बन चुका होता है।  हर रोज़ हम तैयार होते हैं काम पर जाते हैं, काम करते हैं और थक कर वापस आकर सो जाते हैं और फिर अगले दिन वही दोहराते हैं। बस यूँ ही ये उम्र, ये वक़्त गुजर जाता है। इस में कोई दो राय नहीं, जब एक वक़्त पर आप खुद से ये प्रश्न करते हैं "मैं इतनी जल्दी बूढ़ा कैसे हो गया? सारा समय कहाँ गया?"

समस्या हमारे नियमित काम करने में है।  हमारा मानव दिमाग वो काम जो हम रोज़ नियमित करते हैं उसे record नहीं करता। क्योंकि वो उसे record करने योग्य नहीं मानता और हमारे दिमाग की क्षमता को बचाने के लिए वो इसे delete कर देता है जिसे deletion कहते हैं।  

तो हम ऐसा क्या करें की हमारा समय धीमा हो जाए, जिससे हम उसे और जी सकें और अच्छे से अनुभव कर सकें।और हम यूँ ही अपनी फिसलती ज़िंदगी के पलों को रोक सकें। 

इसका जवाब विकासशील मानसिकता में है - किसी के विचारों, भावनाओं और कार्यों के बारे में जागरूकता की एक उन्नत स्थिति। लेकिन अगर आप ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो आप 3 magical bedtime प्रश्नों का अभ्यास करके शुरू कर सकते हैं।

जब आप रात को सोने के लिए जाएं तो सोने से पहले ये 3 प्रश्न खुद से करें और इनका जवाब दें।  इसे आप एक डायरी में लिख सकते हैं।  
  1. आज मैं किस चीज़ के लिए आभारी हूँ?
  2. कल मैं क्या नया करूँगा? 
  3. आज मैं सपने में क्या देखना चाहता हूँ?
क्यों मैंने इन आसान प्रश्नों को "जादुई" (magical) कहा है? चलिए मैं आपको इसके पीछे का logic बताती हूँ। पहला प्रश्न आपको मजबूर करता है कि आप अपने पूरे दिन के बारे में सोचें और उस में से कुछ ऐसा निकाले जिसके लिए आप आभारी हों।  ऐसा करने से ना केवल आप अपने पहले प्रश्न का उत्तर जान पाएंगे बल्कि अपने पुरे दिन को याद कर पाएंगे। Neuro-Linguistic programming में हम इसे पुनरावृत्ति या recapping कहते हैं। अपनी कल्पनाओं में आप एक खाली डब्बा लीजिये और उस में अपनी दिनचर्या के अनुभव को डाल दीजिये और उसको एक unique नाम दीजिये। जैसे मान लीजिये आप आज कई सालों बाद अपने एक अच्छे दोस्त से मिले जो आपके लिए एक शानदार अनुभव रहा तो आप अपने उस डब्बे का नाम इस अनुभव पर रख दीजिये। उदाहरण के लिए "जिस दिन मैं अशोक से मिला"। इसी तरह आप अपनी important यादों के डब्बे बनाइये और उनको नाम दीजिये और उनको एक क्रम में रखें जिससे आपका हर दिन आपकी याद में बदल जाएगा। 

दूसरा प्रश्न आपको motivate करने के लिए होगा। दूसरे प्रश्न के उत्तर के लिए आपको समय से आगे देखना होगा कल्पना करनी होगी की आपका अगला दिन कैसा होगा। जब आप आगे का सोचते हैं तो प्राकृतिक रूप से आशावादी बनते हैं आपके अंदर कुछ करने की चाह आती है। आप जब अगले दिन उठते हैं तो आप motivated feel करते हैं और आपके अंदर उस दिन को आगे बढ़ाने कि इच्छा होती है। 


तीसरा प्रश्न आपके innermost desire को जाहिर करता है क्योंकि हम वो सपने देखते हैं जो हम चाहते हैं या जिनकी हम कामना करते हैं। ऐसा करने से आपकी दिशा और उद्देश्य स्पष्ट होते हैं। 

हर रात सोने से पहले आप ये 3 जादुई प्रश्न खुद से करें।  हो सके तो उसे किसी डायरी में लिखें।  ऐसा करने से आपका समय धीमा हो जाएगा।  ऐसा करने से आपको अपनी ज़िंदगी के ज़्यादा पल याद रहेंगे और आपको यह स्पष्ट रहेगा के आपकी ज़िंदगी में क्या ज़्यादा मायने रखता है। 

मैं आपको कुछ अच्छी meditation कि किताबें पढ़ने के लिए motivate करुँगी। या फिर आप कुछ अच्छे motivational article पढ़ सकते हैं जिससे आपको positivity मिलेगी। आप हल्का और अच्छा feel करेंगे। 
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Comment कर के ज़रूरत बताएं आपको ये Motivational Article कैसा लगा? अगर ये Hindi Motivational article on “3 Magical Bedtime Questions” अच्छा लगा तो इसे ज़रूर share करें। 

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

रिटायरमेंट के बाद खुश रहने के 10 तरीके

 10 Ways To Be Happy After Retirement 

After retirement - safalhun.in


Retirement यानि सेवानिवृति ज़िंदगी का अंत नहीं बल्कि एक नयी शुरुवात है। सेवानिवृति ऐसा कुछ नहीं है जिससे आपको डरना चाहिए या फिर इसके बारे में सोच कर परेशान होना चाहिए। बल्कि यदि आप चाहें तो सेवानिवृति आपकी ज़िंदगी के सबसे सुखद पल हो सकते हैं। आज हम ऐसे 10 तरीकों के बारे में बात करेंगे जिससे आप अपने इन दिनों को सुखद बना सकते हैं।
  1. ज़िंदगी को देखने का नज़रिया बदले, ग्रहणशील बने और खुले विचार रखें, और यह आपकी ज़िंदगी बदल देगा। Retirement ज़िंदगी का एक नया चरण है और तभी इसे ख़ुशी और सफलता से जी पाएंगे, जब आप अपने विचारों को बदलेंगे। इस नए चरण में ग्रहणशीलता और खुले विचार आपको अपने सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करेंगे।
  2. अपनी क्षमता के अनुसार आप अपनी शारीरिक और मानसिक गतिविधियाँ तय करें। रोज़ मर्रा की गतिविधियाँ ना केवल आपको व्यस्त रखेगी बल्कि आपके मन्न को भी शांत रखेगी। क्योंकि कहा जाता है की व्यस्त दिमाग एक खुश दिमाग होता है इससे न केवल आप मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे।
  3. हंसें और मस्त रहें। अब अपनी ज़िंदगी को ज़्यादा गंभीरता से न लें। ऐसा करने से आपका mood अच्छा रहेगा और आप न केवल अपने आपको बल्कि दूसरों को भी खुश रख सकेंगे।
  4. अधिक अंतर्मुखी (introvert) न बने। अपनी ज़िंदगी के पलों और अपने दिल के बोझ को उनके साथ share करें जिनसे आप प्यार करते हैं या जो आपकी परवाह करते हैं। अपनी भावनाओं और अपनी चिंताओं को दूसरों के साथ साझा करने से आप अपनी मानसिक स्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। 
  5. अपनी ज़िंदगी में वो काम करें जिनसे आपको ख़ुशी मिलती है। ऐसी गतिविधियों को ढूंढे और उन्हें करें। जैसे मान लीजिये आपको अपने पोते पोतियों के साथ खेलना पसंद है तो जब भी समय मिले उनके साथ खेलें और समय बिताऐं। 
  6. जैसे कहा जाता है की सीखने की कोई उम्र नहीं होती। तो आप भी कुछ नया सीखें और ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करें। नयी चीज़ें सीखने से आपका मन्न और दिमाग दोनों खुश रहेंगे। 
  7. अपने प्रियजनों के साथ quality time बिताऐं। Retirement के बाद आपके पास अब ज़्यादा समय है जिसे आप अपने लोगों साथ बिता सकते हैं। आप उनके साथ कहीं बहार जा सकते है, उनके साथ lunch कर सकते हैं, या कोई पार्टी कर सकते हैं। 
  8. याद रखें की ज़िंदगी में छोटी छोटी चीज़ें भी बहुत मायने रखती हैं। किसी के लिए कुछ करने की कोशिश करें इससे आप न केवल उसको बल्कि खुद को भी खुश रखेंगे। आप किसी volunteer activity में भाग ले सकते हैं जिसमे आपको दूसरों के लिए कुछ करने का मौका मिलेगा। 
  9. आप उन सपनों या इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं जिन्हें आपको अपने career बनाने की होड़ में छोड़ना पड़ा था। जिन पर आप अपनी ज़िंदगी की यस्तता की वजह से ध्यान नहीं दे पाए थे। ऐसा करना आपके लिए संतोषजनक हो सकता है। 
  10. आप एक सकारात्मक मानसिकता रखें। सिर्फ इसलिए के आप सेवानिवृत्त हो गए हैं खुद को बूढ़ा या बेकार न समझें। युवा रवैया अपनाएं कुछ शौक पालें और शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रहें। 
happy retirement - safalhun.in

अंत में मैं कहूँगी की सेवानिवृति को एक अवसर की तरह लें जिस में आप हर तरीके से स्वछन्द हैं। आपके पास समय ही समय है अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने का। अब आप वो कर सकते हैं जिसे करने में आपको ख़ुशी मिलती है। अब आप अपने ज़िम्मेदारियों से मुक्त हैं अब आगे की ज़िंदगी आपकी और आपके लिए है इसे भरपूर जिएं।

मंगलवार, 19 जनवरी 2021

कैसे किसी आदत को छोड़ें या अपनाएं - How To Make Or Break A Habit

हम सब में कुछ न कुछ आदतें होती हैं उन में से कुछ आदतें अच्छी तो कुछ बुरी होती हैं। यह हमारे लिए सामान्य है की हम कुछ आदतें सीख लेते हैं और वो हमसे खुद बा खुद होती हैं। हम सब कुछ आदतें अपने अंदर अपनाना चाहते हैं और कुछ आदतें जो हमे ठीक नहीं लगती छोड़ना चाहते हैं ।

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अक्सर ये देखा गया है की किसी भी नए व्यवहार को अपनी दिनचर्या में लाना या उसे अपनी आदत बनाने में हमे चार हफ्ते लग जाते हैं। निचे दिए steps आपको एक नए व्यव्हार को अपनी आदत बनाने में मदद कर सकते हैं ।

  1. सबसे पहले आप अपने लक्ष्य को निर्धारित करें। खासकर जब आप किसी आदत को छोड़ना चाहते हों। तो आपको अपने आपको हर समय एक positive statement देनी चाहिए उदाहरण के लिए यह कहने के बजाए की " मैं आज से लेट सोना और उठना छोड़ दूंगा " यह कहो के " मैं आज से जल्दी सोऊंगा और जल्दी उठूंगा "। यह कहने के साथ-साथ आपको अपने लक्ष्य लिखने भी चाहिए। इसे कागज़ पर उतारने से आपको प्रतिबद्ध होने में मदद मिलती है। यदि आप अपने लक्ष्य को किसी ऐसे व्यक्ति को बताते हैं, जिस पर आप विश्वास करते हैं, तो यह भी मदद कर सकता है।
  2. आप ऐसे habit के बारे में सोचे जिसे आप अपने पुराने habit के बदले में लाना चाहते हैं। यदि आप किस व्यव्हार को छोड़ना चाहते हैं तो replacement ही आपका पहला goal होना चाहिए। जब आप किसी आदत को छोड़ना चाह रहे हों तो यह एक महत्पूर्ण कदम है। आपका नया व्यव्हार ही आपके पुराने व्यवहार  को वापस आने से रोकने में मदद करेगा।
  3. आप अपने behavioral pattern को समझें। आप कब वो काम करतें हैं या फिर कहें की आप कब को काम करने पर मजबूर हो जाते हैं जो आप छोड़ना चाहते हैं। अक्सर आपकी एक आदत आपकी किसी दिनचर्या का हिस्सा होती हैं। उदाहरण के लिए, आप तब junk food खाते हैं जब आप टीवी देख रहे होते हैं। या फिर कोई किताब पढ़ रहे होते हैं। आप आदत से मजबूर बिना सोचे चिप्स का पैकेट खोल कर बैठ जाते हैं कई लोग जो स्मोकिंग करते हैं वो अक्सर खाना खाने के बाद automatically स्मोकिंग करने लगते हैं। अब आप यह सोचे की आप कब और क्यों वो चीज़ें करतें हैं जो आप छोड़ना चाहते हैं। 
  4. खुद को याद दिलाएं। आप यह  काम उस जगह पर notes छोड़ कर कर सकते हैं जहाँ अक्सर आप वह व्यवहार करते हैं।  या फिर आप ऐसी जगहों पर मैसेज लिख कर रखें जहाँ आप जातें ही हैं जैसे मिरर, रेफ्रीजिरेटर, किचन , कंप्यूटर मॉनिटर आदि। आप अपने परिवार के किसी सदस्य या किसी ऑफिस सहकर्मी की मदद ले सकते हैं जो आपको आपके लक्ष्य की याद दिलाता रहे जब भी आप अपने लक्ष्य से भटकें।
  5. किसी की मदद और समर्थन प्राप्त करें। मदद से कोई भी काम आसान होता है। यह और भी बेहतर काम करता है यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ साझेदारी बना सकते हैं जो समान लक्ष्य साझा करता है।
  6. आप अपने goal को रोज़ लिखें और अपने वाक्य वर्तमान काल में लिखें ( जैसे के ये पहले से ही हो रहा था। ) आप ये काम रोज़ 10 बार 21 दिनों तक लिखें। यह काम आपके goal को आपके अपने subconscious mind का हिस्सा बनाने में मदद करती है जो न केवल आपको नए व्यवहार का अभ्यास करने के लिए याद दिलाएगा, बल्कि यह आपको केंद्रित और प्रेरित भी रखता है।
  7. निर्धारित समय अंतराल पर प्रगति करने के लिए खुद को पुरस्कृत करें। एक समय में एक दिन अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें, लेकिन एक, तीन और छह महीने में खुद को एक छोटा सा इलाज दें। पुरस्कारों को बड़ा या महंगा नहीं होना चाहिए, और आपको इसे कुछ ऐसा बनाने की कोशिश करनी चाहिए जो लक्ष्य के साथ किसी तरह जुड़ा हो। ऐसा करने से आपको प्रोत्साहन और अतिरिक्त प्रेरणा मिलती है।
यह सारे steps आपको सफलता की guarantee नहीं देते हैं। अपनी आदत के आधार पर आपको अंत में बदलाव लाने के लिए आपको कई प्रयासों की आवश्यकता होती है  पर यदि आप प्रयास करते रहेंगे तो आप अपने लक्ष्य को ज़रूर प्राप्त करेंगे।