गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

रिटायरमेंट के बाद खुश रहने के 10 तरीके

 10 Ways To Be Happy After Retirement 

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Retirement यानि सेवानिवृति ज़िंदगी का अंत नहीं बल्कि एक नयी शुरुवात है। सेवानिवृति ऐसा कुछ नहीं है जिससे आपको डरना चाहिए या फिर इसके बारे में सोच कर परेशान होना चाहिए। बल्कि यदि आप चाहें तो सेवानिवृति आपकी ज़िंदगी के सबसे सुखद पल हो सकते हैं। आज हम ऐसे 10 तरीकों के बारे में बात करेंगे जिससे आप अपने इन दिनों को सुखद बना सकते हैं।
  1. ज़िंदगी को देखने का नज़रिया बदले, ग्रहणशील बने और खुले विचार रखें, और यह आपकी ज़िंदगी बदल देगा। Retirement ज़िंदगी का एक नया चरण है और तभी इसे ख़ुशी और सफलता से जी पाएंगे, जब आप अपने विचारों को बदलेंगे। इस नए चरण में ग्रहणशीलता और खुले विचार आपको अपने सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करेंगे।
  2. अपनी क्षमता के अनुसार आप अपनी शारीरिक और मानसिक गतिविधियाँ तय करें। रोज़ मर्रा की गतिविधियाँ ना केवल आपको व्यस्त रखेगी बल्कि आपके मन्न को भी शांत रखेगी। क्योंकि कहा जाता है की व्यस्त दिमाग एक खुश दिमाग होता है इससे न केवल आप मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे।
  3. हंसें और मस्त रहें। अब अपनी ज़िंदगी को ज़्यादा गंभीरता से न लें। ऐसा करने से आपका mood अच्छा रहेगा और आप न केवल अपने आपको बल्कि दूसरों को भी खुश रख सकेंगे।
  4. अधिक अंतर्मुखी (introvert) न बने। अपनी ज़िंदगी के पलों और अपने दिल के बोझ को उनके साथ share करें जिनसे आप प्यार करते हैं या जो आपकी परवाह करते हैं। अपनी भावनाओं और अपनी चिंताओं को दूसरों के साथ साझा करने से आप अपनी मानसिक स्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। 
  5. अपनी ज़िंदगी में वो काम करें जिनसे आपको ख़ुशी मिलती है। ऐसी गतिविधियों को ढूंढे और उन्हें करें। जैसे मान लीजिये आपको अपने पोते पोतियों के साथ खेलना पसंद है तो जब भी समय मिले उनके साथ खेलें और समय बिताऐं। 
  6. जैसे कहा जाता है की सीखने की कोई उम्र नहीं होती। तो आप भी कुछ नया सीखें और ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करें। नयी चीज़ें सीखने से आपका मन्न और दिमाग दोनों खुश रहेंगे। 
  7. अपने प्रियजनों के साथ quality time बिताऐं। Retirement के बाद आपके पास अब ज़्यादा समय है जिसे आप अपने लोगों साथ बिता सकते हैं। आप उनके साथ कहीं बहार जा सकते है, उनके साथ lunch कर सकते हैं, या कोई पार्टी कर सकते हैं। 
  8. याद रखें की ज़िंदगी में छोटी छोटी चीज़ें भी बहुत मायने रखती हैं। किसी के लिए कुछ करने की कोशिश करें इससे आप न केवल उसको बल्कि खुद को भी खुश रखेंगे। आप किसी volunteer activity में भाग ले सकते हैं जिसमे आपको दूसरों के लिए कुछ करने का मौका मिलेगा। 
  9. आप उन सपनों या इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं जिन्हें आपको अपने career बनाने की होड़ में छोड़ना पड़ा था। जिन पर आप अपनी ज़िंदगी की यस्तता की वजह से ध्यान नहीं दे पाए थे। ऐसा करना आपके लिए संतोषजनक हो सकता है। 
  10. आप एक सकारात्मक मानसिकता रखें। सिर्फ इसलिए के आप सेवानिवृत्त हो गए हैं खुद को बूढ़ा या बेकार न समझें। युवा रवैया अपनाएं कुछ शौक पालें और शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रहें। 
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अंत में मैं कहूँगी की सेवानिवृति को एक अवसर की तरह लें जिस में आप हर तरीके से स्वछन्द हैं। आपके पास समय ही समय है अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने का। अब आप वो कर सकते हैं जिसे करने में आपको ख़ुशी मिलती है। अब आप अपने ज़िम्मेदारियों से मुक्त हैं अब आगे की ज़िंदगी आपकी और आपके लिए है इसे भरपूर जिएं।

शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

अपनी प्रतिभा को पहचाने - Find Out Your Talent

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इस धरती पर हर एक इंसान एक विशेष उपहार अपने साथ ले कर आता है। सब के उपहार एक सामान नहीं हो सकते पर वो सब अपनी जगह विशेष होते हैं। क्या आप जानते हैं आपका उपहार क्या है! 

यह गायन, अभिनय या शिल्प कौशल हो सकता है। या फिर आपके पास ऐसी कुशलता हो जिस से आप एक उदासीन और साधारण माहौल को भी खुश-नुमा बना दे। जिसकी वजह से लोग आपके साथ वक्त गुज़ारना पसंद करते हों। 

अपनी सही राह चुनने और उसके अनुसार अपने अंदर परिवर्तन लाने से आप अपने आप के साथ इन्साफ कर सकते हैं। आप अपनी योग्यता अनुसार अपनी राह चुन सकते हैं। आपको करना बस इतना है की आपको अपने दिए गए उपहार यानी अपनी योग्यता को समझना है और उसे बहार लाना है।

समय आ गया है की आप अपनी छिपी हुई प्रतिभा को बहार आने दें और वो करें जिसे करने में आपको सच्ची ख़ुशी मिलती है। आप ये काम अपनी ख़ुशी के लिए करें न की किसी और की ख़ुशी के लिए। पर हो सकता है की जो आप करें उससे किसी और की ज़िंदगी में बदलाव आ सकें। 

ज़्यादातर हम सब को यही लगता है की हमारे पास कोई special talent नहीं है। और इसलिए हम खुद को कही का नहीं समझते। कोई नया काम करने से पहले खुद पर doubt होता है की हम वो कर पाएंगे या नहीं। अपना ब्लॉग शुरू करने से पहले मुझे भी यही लगा था। पर यकीन माने जब कोई काम आप दिल से करते हैं तो आप उसे करते चले जाते हैं। मैं आप सबको भी प्रोत्साहित करना चाहती हूँ और बताना चाहती हूँ की आप सब में भी कोई खास प्रतिभा है।

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कोई भी काम या प्रतिभा तब तक सराही नहीं जा सकती जब तक उसे लोग सुने या देख नहीं लेते। यानी अगर आपकी प्रतिभा संसार के सामने नहीं आती तो उस प्रतिभा का कोई मोल नहीं रह जाएगा। जिसे मैं खुद के साथ जाजति समझती हूँ ।

सोचो, अगर हमे प्रेरित या मनोरंजित करने वाले वो सब लोग अपनी प्रतिभा को छुपाए रखते तो हमे नयी चीज़ें सीखने, संगीत सुंनने, मजेदार खाना सीखने आदि को कैसे मिलता? इसीलिए इन सब लोगो ने निश्चित रूप से हमारी दुनिया और हमारी ज़िंदगी को बेहतर बनाया है।

ऐसे कई लोग होंगे जिनके बारे में आप सोच सकते हैं। जिन्होंने आपको कही न कई प्रेरित किया होगा और आपकी ज़िंदगी का एक बड़ा बदलाव उनकी वजह से होगा जिन्होंने आपके ज़िंदगी जीने के तरीके को प्रभावित किया होगा और यहाँ तक की आपके कमाई के ज़रिये को भी बदला होगा। परन्तु अपनी प्रतिभा को हमारे सामने लाने से पहले यह कोई नहीं जनता होगा की उनके पास वो प्रतिभा है।

आप अपने बारे में सोचिये। Find out your talent. किसे पता है की आप इस दुनिया को कैसे बदल सकते हो। क्या पता आप भी कोई बड़ा काम कर जाएं।पर कोई बात नहीं अगर आप महात्मा गाँधी के जैसे काम नहीं कर सकते पर फिर भी आप कई तरीकों से अपनी ज़िंदगी में बदलाव ला सकते हैं। और यही तो हमारा उद्देश्य है। अपनी ज़िंदगी बदलना। यह सब तभी होगा जब आप कोई step लेंगे। बिना कुछ किये आपको कैसे पता चलेगा के आप की योग्यता क्या है। आपकी प्रतिभा आपको स्वतंत्र बनाती है। हम सब में से ज्यादातर अपनी रोज़ मर्रा की ज़िंदगी से ऊब गए होंगे। रोज़ वही काम करना जिसे आप मज़बूरी में कर रहे होंगे, आपकी ज़िंदगी को उदासीन बना देता है हम सबको आज़ादी और स्वतंत्रता पसंद है।
 
मैं आपसे यह सब इसलिए शेयर कर रही हूँ ताकि आपको भी प्रेरणा मिले। जैसे मुझे दूसरों से मिली आप भी अपनी वही घिसी पीती ज़िंदगी में बदलाव लाएं। जब आप कुछ नया करते हैं तो वह आप न केवल अपने लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी करते हैं। क्योंकि उससे किसी और को भी प्रेरणा मिलती है। क्या पता आप से भी हज़ारों प्रेरित हो जाएं।
 
याद रखिये सब से ज़ादा आपके अपने लोग आप से प्रभावित होते हैं। इसलिए आपकी सफलता उनकी सफलता बन जाती है। तो अपनी talent को बहार लाइए और अपने सपनों को पूरा करिये। अपनी कम्युनिटी में पहला होने से मत डरिये। दिन प्रतिदिन नए steps लें और धीरे धीरे बदलाव लाये। जब आप एक कदम उठाएंगे तो अपने आप आपको आगे की राह दिखने लगेगी।

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रविवार, 24 जनवरी 2021

एक वफादार नेवला - THE LOYAL MONGOOSE - HINDI MOTIVATIONAL STORIES

 

Loyal mongoose - motivational stories

एक बार की बात है। एक गाँव में एक किसान दंपति रहा करते थे। उनके पास एक पालतू नेवला था। जो उन्ही के साथ उनके घर में रहा करता था। उस किसान दंपति की एक संतान थी। 

एक दिन उस किसान दंपति को किसी काम से तुरंत घर से दूर जाना था। परन्तु उनका बेटा अभी बहुत छोटा था। और घर में उसे अकेला छोड़ कर नहीं जाया जा सकता था। दोनों पति पत्नी कुछ परेशान हुए तभी उनका पालतू नेवला उनको परेशान देख कर उनके पास आ कर बैठ गया। 

क्योंकि उनका जाना ज़रूरी था। तो कोई न कोई रास्ता तो  निकालना ही था। तभी किसान की अपने पालतू नेवले पर नज़र गई वह जानता था उसका नेवला समझदार और वफादार है। दोनों ने फैसला किया की वह अपने पालतू नेवले को बेटे की सुरक्षा के लिए छोड़ जाएंगे उसकी निगरानी में वह दोनों अपने बेटे को छोड़ के चले गए।

अब नेवला और शिशु दोनों घर में अकेले थे। थोड़ी देर खेल कर शिशु सो गया। पर नेवला उसी के पास बैठा रहा। तभी अचानक एक सांप चुपके से घर में घुस आया। और शिशु के पालने की तरफ हमला करने के लिए बढ़ा। उसे देखते ही वफादार नेवले ने बिना डरे शिशु को बचाने के लिए सांप पर हमला कर दिया और काफी लड़ाई के बाद उसे मार डाला।

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कुछ देर बाद जब किसान दंपति घर वापस आए तो नेवले को घर के बाहर खड़ा पाया। किसान की पत्नी ने खून से लथ पथ नेवले को देखा और गुस्से से बोली " तूने मेरे बेटे को मार डाला " । यह सुन किसान भी आग बबूला हो गया और हाथ में पकडे फावड़े से नेवले को मार डाला। 

भागते हुए जब वह घर के अंदर पहुंचे और पालने में देखा तो उनका बेटा आराम से सो रहा था। अपने लाडले को ज़िंदा देख उनकी सांस में सांस आई। तभी उनकी नज़र पलने के पास पड़े मरे हुए सांप की तरफ गई। मरे हुए सांप को देख कर वह सब समझ गए और अपने किये पर पछतावा करने लगे। पर अब उनका वफादार नेवला मर चुका था।

कहानी की सीख : कोई भी फैसला लेने से पहले एक बार ज़रूर सोचें 

Think Before You Act